देश और समाज के लिए अनमोल आमोद कंठ

देश को आप पर नाज है. आपने भारतीय पुलिस सेवा और सामाजिक सरोकारों में एक मिल का पत्थर कायम करके समाज को एक नई दिशा दी है. वंचित, शोषित, उत्पीड़ित तबको के लिए आप किसी रहबर से कम नहीं. बिहार के गांव से निकलकर आपने देश-दुनिया में प्रयास संस्था के जरिये एक बड़ी लकीर खींचकर साझे हितों के सपनों को नई जमीन दी है. आमोद के. कंठ एक सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व पुलिस अधिकारी हैं. प्रयास संस्था के संस्थापक और दिल्ली पूर्व कमीश्नर के रूप में आवाम आज भी उन्हें बेपनाह मोहब्बत करती है. वे बच्चों के अधिकारों के वकील और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
तिहारी से दिल्ली तकमो
आमोद कंठ ने एम एस कॉलेज, मोतिहारी से इतिहास में बीए और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर आॅफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की है.
1974 से 1988 तक का पुलिस सेवा सफर
श्री कंठ ने गोवा और अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है . दिल्ली में दंगों के हजारों पीड़ितों को बचाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक और वीरता पुरस्कार मिला है. वह राजीव गांधी और ललित माकन की हत्या सहित कुछ महत्वपूर्ण जांचों में शामिल थे. उन्होंने नशीले पदार्थों और बाल दुर्व्यवहार की भी कई जांचें की हैं.
1998 से 2024 - किताब, प्रयास, समाजसेवा
1988 में कंठ ने प्रयास नामक एक संगठन का गठन किया, जो व्यक्तिगत, कॉपोर्रेट, गैर सरकारी संगठन और सरकारी विकास गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, युवाओं, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान करने से संबंधित है. 2007 से 2011 तक वह दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के अध्यक्ष थे, और इस भूमिका में उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लिए अपनी चिंताओं और समर्थन को आवाज दी है. उन्होंने इन क्षेत्रों में भारत सरकार की विभिन्न नीतिगत चचार्ओं में योगदान दिया है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, यूनिसेफ और अमेरिकी सरकार की युवा संबंधी पहलों और भारत, नेपाल और बांग्लादेश में बच्चों और युवाओं से संबंधित कई पहलों में भी भाग लिया है.
Recent Posts
समाज के नायक
Latest breaking news and special reports